संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज, विधि से लेकर शिक्षा और नगरीय निकाय तक अलग-अलग प्रकोष्ठों की कमान तय
रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियों को और गति देने के लिए विभिन्न प्रकोष्ठों में नई नियुक्तियों का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से जारी सूची में प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और सहसंयोजक के साथ 15 अलग-अलग प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा की गई है। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।
नई सूची में पार्टी ने पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि लाभचंद बाफना को प्रकोष्ठ संकुल सहसंयोजक बनाया गया है। दोनों नेताओं की जिम्मेदारी पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की होगी।
15 प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी इन नेताओं को
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार विभिन्न सामाजिक, आर्थिक, व्यावसायिक और संस्थागत क्षेत्रों से जुड़े प्रकोष्ठों में निम्न नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है—
- मछुआरा प्रकोष्ठ — कृष्णबिहारी जायसवाल
- झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ — जोगेश लाम्बा
- आर्थिक प्रकोष्ठ — राजेश अग्रवाल
- एनजीओ प्रकोष्ठ — एस.डी. बड़गैया
- बुनकर प्रकोष्ठ — सीमा साहू
- विधि प्रकोष्ठ — जयप्रकाश चंद्रवंशी
- चिकित्सा प्रकोष्ठ — डॉ. ललित माखीजा
- व्यापार प्रकोष्ठ — श्रीचंद सुंदरानी
- व्यवसायी प्रकोष्ठ — प्रदीप सिंह
- आरटीआई प्रकोष्ठ — डॉ. विजयशंकर मिश्रा
- सांस्कृतिक प्रकोष्ठ — मोना सेन
- पंचायत प्रकोष्ठ — श्वेता शर्मा
- नगरीय निकाय प्रकोष्ठ — देवजी भाई पटेल
- शिक्षा प्रकोष्ठ — राजेश साहू
- सहकारिता प्रकोष्ठ — विकांत सिंह
इन नियुक्तियों की पुष्टि जारी सूची में की गई है।
चुन्नीलाल साहू को प्रकोष्ठ संकुल की कमान
इस संगठनात्मक बदलाव में चुन्नीलाल साहू की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। उन्हें प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया गया है। उनके साथ लाभचंद बाफना सहसंयोजक के तौर पर संगठनात्मक समन्वय में भूमिका निभाएंगे। यानी प्रदेश भाजपा के अलग-अलग प्रकोष्ठों की गतिविधियों को एक समन्वित ढांचे में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इस स्तर पर तय की गई है।
चुन्नीलाल साहू पहले भी भाजपा के प्रदेश संगठन में प्रकोष्ठ से जुड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। 2025 में उन्हें प्रदेश प्रकोष्ठ सह-संयोजक बनाया गया था, जबकि अवधेश सिंह चंदेल को प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक की जिम्मेदारी मिली थी।
विधि प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी फिर जयप्रकाश चंद्रवंशी को
नई सूची में जयप्रकाश चंद्रवंशी को एक बार फिर विधि प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के लिए यह प्रकोष्ठ कानूनी एवं विधिक विषयों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसी तरह चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार, सहकारिता, पंचायत और नगरीय निकाय जैसे क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इससे पार्टी की ओर से समाज के विभिन्न वर्गों और पेशेवर समूहों तक संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सामाजिक और पेशेवर समूहों पर फोकस
भाजपा के प्रकोष्ठ पार्टी संगठन और समाज के विशिष्ट वर्गों के बीच संपर्क का माध्यम होते हैं। मछुआरा, बुनकर और झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ जहां विशिष्ट सामाजिक समूहों से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं, वहीं आर्थिक, व्यापार, व्यवसायी और सहकारिता प्रकोष्ठ आर्थिक एवं कारोबारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ समन्वय की भूमिका निभाते हैं।
इसी तरह चिकित्सा और शिक्षा प्रकोष्ठ संबंधित पेशेवर एवं शैक्षणिक वर्गों से संवाद का माध्यम बन सकते हैं। पंचायत और नगरीय निकाय प्रकोष्ठों के जरिए स्थानीय स्वशासन से जुड़े विषयों पर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
संगठन विस्तार पर जोर
भाजपा में पिछले कुछ समय से प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। मुख्य संगठन के साथ मोर्चों, प्रकोष्ठों और विभिन्न सांगठनिक इकाइयों में जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। इसी क्रम में 15 प्रकोष्ठों के प्रभारियों की यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पार्टी की कोशिश इन प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने, स्थानीय स्तर के मुद्दों को संगठन तक लाने और संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को अधिक सक्रिय बनाने की है।
नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिससे अब संबंधित प्रकोष्ठों के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
Author: cg24x7



