बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले के तबादले के मामले में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने उनके दो साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने से पहले सक्ती से सरगुजा किए गए तबादले पर अंतरिम रोक लगा दी है। याचिका में तबादले को शासन की स्थानांतरण नीति के विपरीत बताते हुए चुनौती दी गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फिलहाल तबादला आदेश के प्रभाव पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को राहत प्रदान की है। यह अंतरिम राहत 29 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।
दो साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले हुआ था तबादला
मिली जानकारी के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले वर्तमान में सक्ती जिले में पदस्थ थे। उनका कार्यकाल दो वर्ष पूरा होने से पहले ही उन्हें सक्ती से सरगुजा स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से इस तबादले को शासन की निर्धारित स्थानांतरण नीति के अनुरूप नहीं बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया कि निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले स्थानांतरण किए जाने के संबंध में नीति के प्रावधानों का पालन किया जाना आवश्यक है।
हाईकोर्ट ने तबादला आदेश पर लगाई अंतरिम रोक
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल जिला कार्यक्रम अधिकारी के स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट की ओर से दी गई राहत आगामी 29 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।
अंतरिम आदेश का मतलब यह है कि मामले में अंतिम निर्णय होने तक फिलहाल स्थानांतरण आदेश पर आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। हालांकि, मामले के अंतिम गुण-दोष पर निर्णय अभी शेष है।
स्थानांतरण नीति के पालन का मुद्दा केंद्र में
इस मामले में मुख्य सवाल निर्धारित कार्यकाल पूरा होने से पहले किए गए तबादले और शासन की स्थानांतरण नीति के प्रावधानों से जुड़ा है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर शासन की नीतियों में सामान्यतः कार्यकाल, प्रशासनिक आवश्यकता और विशेष परिस्थितियों जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
सुधाकर बोदले के मामले में भी इसी आधार पर स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी, जहां प्रकरण में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले को राहत मिली है और सक्ती से सरगुजा स्थानांतरण का आदेश न्यायिक विचाराधीन बना हुआ है।
Author: cg24x7



