रायपुर। स्वच्छता कर्मियों और सीवर-सेप्टिक टैंक श्रमिकों की सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। NAMASTE योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के मामले में छत्तीसगढ़ देश में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहा है। योजना के तहत प्रदेश में सीवर एवं सेप्टिक टैंक श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने और सुरक्षित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार की NAMASTE (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण बनाना है। इसके तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे श्रमिकों को असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने से बचाने, मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने तथा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाता है।
1,428 श्रमिकों को मिले PPE किट
छत्तीसगढ़ में योजना के अंतर्गत अब तक 1,428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा उपकरण मिलने से श्रमिकों को सफाई कार्य के दौरान संभावित जोखिमों से बचाने में मदद मिलती है। सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई अत्यधिक जोखिम वाला कार्य माना जाता है। ऐसे में श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनका सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
1,374 श्रमिक आयुष्मान कार्ड से जुड़े
NAMASTE योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रदेश में 1,374 श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ा गया है। इससे पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिला है। स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना भी NAMASTE योजना के व्यापक उद्देश्यों में शामिल है। इससे सफाई कार्य से जुड़े परिवारों के लिए स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।
139 श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा प्रशिक्षण
प्रदेश में 139 स्वच्छता श्रमिकों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित सफाई कार्यों की प्रक्रिया, सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करना है। मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रमिकों की क्षमता वृद्धि और सुरक्षा प्रशिक्षण को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने और सुरक्षित कार्य वातावरण विकसित करने में मदद मिल सकती है।
आपात स्थिति के लिए 47 ERSU
योजना के तहत प्रदेश में 47 Emergency Response Sanitation Units (ERSU) भी कार्यरत हैं। इन इकाइयों का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़ी आपात परिस्थितियों में व्यवस्थित और सुरक्षित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। सीवर सफाई के दौरान उत्पन्न होने वाली आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना श्रमिकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ERSU जैसी व्यवस्थाएं इसी दिशा में संस्थागत सहायता प्रदान करती हैं।
14420 हेल्पलाइन से मिलेगी सहायता
NAMASTE योजना के अंतर्गत स्वच्छता कर्मियों से जुड़ी सहायता और शिकायतों के लिए 14420 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है। इसके माध्यम से स्वच्छता श्रमिकों को योजना से संबंधित जानकारी और आवश्यक सहायता प्राप्त करने का माध्यम मिलता है। मैनुअल से मशीनीकृत सफाई की ओर बढ़ता जोर NAMASTE योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव जोखिम को कम करना और मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके लिए स्थानीय निकायों और संबंधित संस्थाओं के स्तर पर आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। मैनुअल तरीके से सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरकर सफाई करना श्रमिकों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था को संचालित करना योजना की मूल भावना से जुड़ा है।
स्वच्छता कर्मियों की गरिमा और सुरक्षा पर फोकस
NAMASTE योजना केवल सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ में योजना के तहत किए जा रहे प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। प्रदेश का देश में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात को रेखांकित करता है कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को राज्य में प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में योजना के दायरे को और प्रभावी बनाने, अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने तथा सीवर-सेप्टिक टैंक सफाई में मशीनीकरण बढ़ाने पर जोर महत्वपूर्ण होगा।
श्रमिक सुरक्षा को विकास की प्राथमिकता से जोड़ने की पहल
छत्तीसगढ़ में NAMASTE योजना के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और सामाजिक संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। PPE किट, आयुष्मान कार्ड, सुरक्षा प्रशिक्षण, ERSU और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं इस दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम हैं। इस उपलब्धि के साथ राज्य के सामने अब चुनौती यह है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक स्वच्छता कर्मियों तक लगातार पहुंचाया जाए और सीवर-सेप्टिक टैंक सफाई को अधिकाधिक मशीनीकृत एवं सुरक्षित बनाया जाए। इससे न केवल श्रमिकों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था को भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप देने में मदद मिलेगी।
Author: cg24x7



