रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से 23 सितंबर को विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की गई, जिसमें स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी बनाया गया है। स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर महंगाई, गैस सिलेंडर और उनके पूर्व के राजनीतिक बयानों को लेकर निशाना साधा। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए दावा किया कि स्मृति ईरानी के नाम से ही कांग्रेस में डर दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस ने पोस्टर के जरिए साधा निशाना
स्मृति ईरानी को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्टर साझा किए गए। इनमें महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर स्मृति ईरानी के पुराने राजनीतिक बयानों और आंदोलनों का संदर्भ देते हुए भाजपा पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने यह भी कहा कि अब स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ की प्रभारी हैं, इसलिए प्रदेश में महंगाई से जुड़े मुद्दों पर उनसे सवाल किए जाएंगे।
अरुण साव ने कहा- कांग्रेस की प्रतिक्रिया से डर का पता चलता है
कांग्रेस के पोस्टर वार पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्मृति ईरानी के प्रभारी बनने के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि उनके नाम से ही कांग्रेस में डर दिखाई दे रहा है। साव ने स्मृति ईरानी को अनुभवी, सक्रिय और संघर्षशील नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियां संभाली हैं और संगठन तथा सरकार दोनों स्तरों पर काम करने का अनुभव उनके पास है। उनके मुताबिक, स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने से प्रदेश भाजपा के संगठन को मजबूती मिलेगी और सरकार के कामकाज में भी उनके अनुभव का लाभ मिल सकता है।
अमेठी चुनाव का भी दिया हवाला
अरुण साव ने अपने बयान में स्मृति ईरानी की 2019 के अमेठी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ जीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसी राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की मौजूदा प्रतिक्रिया के पीछे स्मृति ईरानी को लेकर आशंका दिखाई दे रही है। यह साव का राजनीतिक आकलन और बयान है; कांग्रेस ने अपने पोस्टर के जरिए महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर स्मृति ईरानी को घेरा है।
संगठनात्मक अनुभव को लेकर भाजपा की उम्मीदें
भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल के तहत स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से कहा गया है कि दोनों नेताओं के अनुभव से संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी और सरकार के बीच समन्वय तथा जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस करेगी सवाल
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने के बाद पार्टी उन्हें महंगाई के मुद्दे पर घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने स्मृति ईरानी के पुराने महंगाई विरोधी आंदोलनों और बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी उनसे उनके पुराने मुद्दों और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर सवाल करेगी। इस तरह स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी के साथ ही छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर शुरू होता दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा उनके संगठनात्मक अनुभव को प्रदेश के लिए उपयोगी बता रही है, वहीं कांग्रेस महंगाई समेत पुराने राजनीतिक मुद्दों को सामने रखकर भाजपा को घेरने की तैयारी में है।
Author: cg24x7



