दुर्ग और करनाल विश्वविद्यालय का हुआ MoU

दुर्ग और करनाल विश्वविद्यालय का हुआ MoU

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ और हरियाणा के 2 प्रमुख विश्वविद्यालयों के बीच उद्यानिकी-वानिकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। महात्मा गांधी उद्यानिकी-वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग और महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी, करनाल ने सोमवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर के बाद विशेषज्ञों ने महाविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया।

कुलपतियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर तकनीकी प्रशिक्षण और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी ली। विद्यार्थियों में शोध और नवाचार के प्रति उत्साह देखा गया। समझौते का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का साझा उपयोग और बौद्धिक आदान-प्रदान है। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और ज्ञान हस्तांतरण पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्नत उद्यानिकी तकनीक, पौध संरक्षण, फसल सुधार, जैविक खेती, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं, कृषि उत्पाद प्रसंस्करण और वैज्ञानिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।

समझौता केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं किसानों के उज्ज्वल भविष्य की है नींव
कुलपति डॉ. आरआर सक्सेना ने कहा कि, यह समझौता केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि छात्रों और किसानों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। ज्ञान के आदान-प्रदान से क्षेत्रीय कृषि विकास को नई पहचान मिलेगी। इस पहल से छत्तीसगढ़ और हरियाणा के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्नत बीज और आधुनिक खेती के तरीकों से किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

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Author: cg24x7

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