हिंदू सम्मेलन के बाद अब युवा सम्मेलन, आरएसएस 221 जगहों पर करेगा आयोजन

रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह शताब्दी वर्ष है। इसके लिए कई कार्यक्रम तय किए गए हैं। सबसे अहम हिंदू सम्मेलनों का आयोजन है। राजधानी रायपुर में एक बड़ा हिंदू सम्मेलन किया गया। इसमें आरएसएस के प्रमुख डा. मोहन भागवत आए थे। हिंदू सम्मेलन लगातार आरएसएस के मंडलों और शहर की बस्तियों में चल रहे हैं। ये सम्मेलन मकर संक्रांति तक चलेंगे। इसी के साथ इस माह अब युवा सम्मेलनों का भी आगाज होगा। ये सम्मेलन प्रदेश के 221 स्थानों में होंगे। इसका आगाज कब से होगा, इसका फैसला 10 जनवरी को दुर्ग में होने प्रांत की बैठक में होगा।

आरएसएस ने अपने शताब्दी वर्ष में साल भर के लिए कार्यक्रम तय किए हैं। इसका आगाज विजयादशमी से किया गया। विजयादशमी पर आरएसएस हमेशा से पथ संचलन का आयोजन करता है। इस बार दो अक्टूबर को विजयादशमी से लेकर 15 अक्टूबर तक प्रदेश में दो हजार स्थानों पर पथ संचलन का कार्यक्रम किया गया। इसके बाद नवंबर में घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया। प्रदेश के हर गांव के हिंदू परिवारों के घरों तक स्वयंसेवक गए और उनको आरएसएस के सौ सालों में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को संघ का साहित्य भी वितरित किया गया। सबसे अहम सभी घरों में भारत माता की तस्वीर दी गई।

आरएसएस हिंदू समाज को संगठित करने के लिए ही देश भर में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है। छत्तीसगढ़ में आरएसएस के 1601 मंडल हैं। ये मंडल प्रदेश के 19 हजार से ज्यादा गांवों को मिलाकर बनाए गए हैं। एक मंडल में आठ से दस गांवों का रखा गया है। अब हर मंडल में हिंदू सम्मेलन किए जा रहे हैं। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में 666 बस्तियां हैं। इनमें भी हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं। आधे से ज्यादा स्थानों में हिंदू सम्मेलन हो गए हैं। बचे स्थानों में मकर संक्रांति तक सम्मेलन पूरे कर लिए जाएंगे।

कार्यक्रमों की कड़ी में जनवरी में युवाओं के लिए युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 221 स्थानों पर होगा। इसमें 152 खंड और 69 नगर शामिल हैं। इसमें युवाओं की समस्याओं को भी जानने के साथ उनका निदान कैसे हो इस पर भी चर्चा होगी। युवाओं को पंच परिवर्तन के बारे में ठीक उसी तरह से बताया जाएगा, जिस तरह से राजधानी रायपुर के युवा संवाद में डा. मोहन भागवत ने बताया था। इसके अलावा मार्च में एक अलग तरह का आयोजन प्रमुख जन तरह का आयोजन प्रमुख जन गोष्ठी होगी। इसमें अलग-अलग वर्गों के प्रमुख शामिल होंगे। जैसे ऑटो, ट्रक, टैक्सी के वाहन चालक। किसान, वकील, व्यापारी इनके प्रमुखों को बुलाकर एक मंच दिया जाएगा। सभी में राष्ट्रीयता और समाज को संगठित करने की भावना जगाने का काम होगा।

 

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Author: cg24x7

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