तकनीक के सहारे बदली धान खरीदी की तस्वीर, छत्तीसगढ़ का किसान हो रहा सशक्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था में तकनीक के समावेश ने किसानों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से अब धान विक्रय सरल, तेज और किसान हितैषी हो गया है। किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे टोकन काटने की सुविधा ने किसानों को बड़ी राहत दी है।

सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत किशुननगर के किसान दीपन सिंह इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने बताया कि वे इस वर्ष 40 क्विंटल धान का विक्रय कर रहे हैं। पहले टोकन कटवाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में लंबी कतारें और भीड़ झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे टोकन कटने से समिति के अनावश्यक चक्कर समाप्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि नमनाकला धान उपार्जन केन्द्र में पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना जैसी सभी प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित तरीके से पूरी की गईं। किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और समिति के कर्मचारी हर स्तर पर सहयोग कर रहे हैं, जिससे धान विक्रय बिना किसी परेशानी के संपन्न हो रहा है।

दीपन सिंह ने बताया कि, वे धान के साथ-साथ मक्का, गेहूं और अरहर की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, जिससे वे फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती में निवेश कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों का भरोसा बढ़ा है और छत्तीसगढ़ का किसान आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।

cg24x7
Author: cg24x7

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज