रायपुर। निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में बचे पदों के साथ ही संसदीय सचिवों की कुर्सी को लेकर भाजपा नेताओं और विधायकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पहली सूची बीते साल अप्रैल में नवरात्रि के समय आई थी। पहले संभावना जताई जा रही थी कि दूसरी सूची भी जल्द आएगी, लेकिन सूची के लिए इंतजार लंबा होता गया। पहले बीते साल चैत्र नवरात्रि में दूसरी सूची आने की बात सामने आई, लेकिन नवरात्रि और दीपावली के साथ ही पूरा साल निकल गया।
नए साल का पहला माह भी निकल गया है और अब तो फरवरी का दूसरा सप्ताह भी प्रारंभ हो गया है, लेकिन सूची जारी कब होगी, यह किसी को मालूम नहीं है। प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव की नई कार्यकारिणी के ऐलान के बाद अब जहां विधायकों की नजरें संसदीय सचिवों के पदों पर हैं, वहीं निगम, मंडल और आयोग में बचे पदों को लेकर भी भाजपा नेता इंतजार कर रहे हैं। बीते साल कई बार संभावना जताई गई कि सूची जल्द जारी होगी, लेकिन सूची नहीं आई। अब सूची के इस साल जारी होने की पूरी होने संभावना है।
इनमें नियुक्ति अभी बाकी
जिन निगम, मंडलों में अभी नियुक्ति बाकी है उनमें मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, मत्स्य महासंघ, हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, सिंधी अकादमी और सहकारी संघ शामिल हैं। इसी के साथ चार शक्कर कारखानों में भी अध्यक्ष की नियुक्ति की जानी है। इसके अलावा रायपुर विकास प्राधिकरण, गृह निर्माण मंडल जैसे निगम, मंडलों में उपाध्यक्षों के साथ सदस्यों के पद भी खाली हैं। इनकी संख्या भी डेढ़ दर्जन से ज्यादा है। इनमें भी नियुक्ति को लेकर प्रदेश सरकार का प्रदेश संगठन के प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं के साथ मंथन हो चुका है। कुल मिलाकर करीब तीन दर्जन पदों पर भाजपा नेताओं को मौका मिलेगा।
संसदीय सचिवों की नियुक्ति भी बाकी
प्रदेश में भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल का लंबे इंतजार के बाद बीते साल अगस्त में विस्तार किया गया। इसके बाद से ही संसदीय सचिवों को लेकर यह संभावना जताई गई कि अब जल्द ही संसदीय सचिवों की नियुक्ति होगी। जिन विधायकों को मंत्रिममंडल में स्थान नहीं मिल सका है उनको संसदीय सचिव बनने का मौका मिलेगा। ज्यादातर नए विधायकों को भी संसदीय सचिव बनाए जाने की संभावना है, वैसे कुछ पुराने विधायक भी संसदीय सचिव बनाए जा सकते हैं।
Author: cg24x7




