रायपुर, 30 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की योजनाओं को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने के लिए 2 अक्टूबर 2026 से गांव-गांव में ‘रिफॉर्म उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से आयोजित होने वाले इस अभियान में ग्राम सभाओं को गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करने का प्रमुख मंच बनाया जाएगा।
अभियान के दौरान ग्रामीणों से गांव की जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कार्यों को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों को ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा। इस तरह गांव के विकास का रोडमैप तैयार करने में ग्रामीणों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्राम सभा से तय होगी विकास की प्राथमिकता
2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में ग्रामीणों को वीजीपीपी तैयार करने की प्रक्रिया, ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही गांव में मौजूद ऐसी परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी, जो वास्तविक रूप से उपलब्ध हैं लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं।
अक्टूबर और नवंबर के दौरान बस्ती तथा वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन, स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के माध्यम से स्थानीय जरूरतों और विकास से जुड़ी कमियों की पहचान की जाएगी।
इसके आधार पर दिसंबर में वीजीपीपी का प्रारूप तैयार कर ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को अनुमोदित करेगी। इसके बाद योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
125 दिन के रोजगार से लेकर आजीविका गतिविधियों पर संवाद
रिफॉर्म उत्सव के दौरान ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी भुगतान और अनुमेय कार्यों के चयन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने, ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण पर भी संवाद किया जाएगा। लखपति दीदी योजना और आजीविका गतिविधियों से जुड़े विषयों को भी चर्चा में शामिल किया जाएगा।
अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
जल, आजीविका और ग्रामीण अधोसंरचना पर रहेगा फोकस
विकसित ग्राम पंचायत प्लान में गांव की स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।
वीबी-जीरामजी के तहत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से गांव की जरूरत और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विकास कार्यों को केवल ऊपर से निर्धारित करने के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता देना है।
क्यूआर कोड से भी मिलेगी रिफॉर्म उत्सव की जानकारी
रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से संबंधित 8 प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ग्रामीण इन विषयों से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
ग्राम सभा बनेगी विकास योजना का सहभागी मंच
रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की संयुक्त पहल के माध्यम से ग्राम सभा की भूमिका को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम सभा अब केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित न रहकर गांव की जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की विकास योजना तैयार करने में सहभागी मंच के रूप में काम करेगी।
इस प्रक्रिया में ग्रामीणों के सुझावों और स्थानीय अनुभवों को ग्राम पंचायत की विकास योजना में शामिल करने से गांव के लिए तैयार होने वाले विकास रोडमैप को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ने पर जोर रहेगा।
Author: cg24x7



