सुकमा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण को लेकर देशवासियों से अपील की है। इसका समर्थन करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने फॉलो पायलट गाड़ी को और बंगले में मौजूद अतिरिक्त वाहनों को विभाग को लौटा दिया है। उन्होंने कहा कि, सादा जीवन और सीमित संसाधनों का उपयोग मेरी कार्यशैली का हिस्सा है।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, वे स्वयं लंबे समय से आवश्यकताओं को सीमित रखने और अनावश्यक संसाधनों के उपयोग से बचने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या केवल दो तक सीमित रखी, ताकि ईंधन की अनावश्यक खपत को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने शासकीय बंगले में उपयोग के लिए उपलब्ध अतिरिक्त वाहनों को वापस विभाग को सौंप दिया, जिससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पीएम मोदी के आह्वान के बाद और बढ़ा ऊर्जा संरक्षण पर फोकस मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद रायपुर प्रवास के दौरान उनके साथ चलने वाली फॉलो पायलट गाड़ी को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है, ताकि ईंधन की बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश व्यवहारिक रूप से दिया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में वे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) का उपयोग कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपने निवास पर सोलर पैनल भी स्थापित करवाए हैं, ताकि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए, तो देश ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।
कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री की अपील पर की जा रही बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि देशहित, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे विषय राजनीति से ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर सभी दलों और नागरिकों को एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
Author: cg24x7




