प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 : आबादी भूमि पर काबिज पात्र लोगों की पहचान करने के लिए होगा सर्वे

पीएम आवास 2.0 : आबादी भूमि पर काबिज पात्र लोगों की पहचान करने के लिए होगा सर्वे

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। शासन ने प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आबादी भूमि पर काबिज पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनकी प्रविष्टि सीजीएमएवाय-एमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से किया जाए। यह पोर्टल पर अनिवार्य रूप से किया जाए। यह पूरी प्रक्रिया ‘मिशन मोड’ पर संचालित की जाएगी। शासन ने इसके लिए 31 मार्च, 2026 की सख्त समय-सीमा तय की है। विभाग का मुख्य उद्देश्य आबादी भूमि पर बसे पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रमाण-पत्र वितरण और आवेदन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करना है।

निकायों को जमीनी स्तर पर कार्य करने के लिए पाँच सूत्रीय निर्देश दिए गए हैं। वार्ड स्तर पर सामुदायिक सशक्तिकरण और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार किया जाएगा। हितग्राहियों की सहायता और उन्हें योजना की पूर्ण जानकारी देने के लिए निकाय मुख्यालयों में व्यवस्थित हेल्पडेस्क बनाए जाएंगे। निकायों को वार्डवार या दिनांकवार रोस्टर जारी कर डोर-टू-डोर कैम्पेन और वार्डवार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हितग्राहियों द्वारा आवेदन किए जाने के बाद, एक परीक्षण दल द्वारा उनकी पात्रता की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। पात्रता परीक्षण के बाद एक प्रारंभिक सूची तैयार की जाएगी, जिस पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। सभी आपत्तियों के निराकरण के पश्चात ही अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। अंतिम चयन के बाद, पात्र हितग्राहियों के आवेदन की प्रविष्टि आधिकारिक पोर्टल पर की जाएगी। इन सभी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए निकायों को 31 मार्च, 2026 तक आवास मेला आयोजित करने का निर्देश है, जहां एक ही जगह पर आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

नगरीय निकायों को सबसे पहले अपने क्षेत्र के अंतर्गत आबादी (प्रचलित सुरक्षित) भूमि पर काबिज परिवारों की पहचान (चिन्हांकन) करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना की जानकारी पहुँचाने के लिए वार्डों में सामुदायिक सशक्तिकरण और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। निकाय मुख्यालयों में एक व्यवस्थित हेल्पडेस्क स्थापित किया जाएगा ताकि हितग्राहियों को योजना की पूरी जानकारी मिल सके । निकायों द्वारा डोर-टू-डोर कैम्पेन या वार्डवार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के लिए एक वार्डवार या दिनांकवार रोस्टर जारी किया जाएगा, जिसमें सिविल, एमआईएस और सोशल एक्सपर्ट्स, वास्तुविद और अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

 

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Author: cg24x7

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