रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन वर्तमान में अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है, जिसके कारण आईएएस के 29 और आईपीएस के 19 महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं। राज्य के 21 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिससे मंत्रालय से लेकर जिलों तक कामकाज का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। अफसरों की कमी के कारण कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ कई विभागों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में देर होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार में नीति निर्माण, आंतरिक सुरक्षा और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
इनमें अमित अग्रवाल, निधि छिब्बर, डॉ. प्रियंका शुक्ला और एस हरीश जैसे नाम शामिल हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद एक दर्जन से अधिक अफसर प्रतिनियुक्ति में गए हैं। हाल ही में 2016 बैच के आईएएस रवि मित्तल को पीएमओ में उप सचिव के रूप में नियुक्त किया जाना शामिल है। अफसरों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति आमतौर पर 5 वर्ष की होती है, जिसे विशेष परिस्थितियों में 7 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। ज्वाइंट सेक्रेटरी या एडिशनल सेक्रेटरी जैसे उच्च पदों पर अनुभव प्राप्त करने के लिए अधिकारी केंद्र में जाते हैं।
छत्तीसगढ़ में आईएएसस के कुल 202 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 173 अफसर ही तैनात हैं। इनमें 128 अधिकारी सीधी भर्ती तथा 47 अधिकारी पदोन्नत होकर नियुक्त हैं। कार्यरत अधिकारियों में 21 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तथा 1 अधिकारी संवर्गीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इसी तरह, आईपीएस के 153 पदों के मुकाबले केवल 134 अधिकारी ही कार्यरत हैं। पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुदुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ से 30 और अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा जाएगा। केंद्रीय चुनाव आयोग ने 25 आईएएस और 5 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है। जो एक माह अन्य राज्यों में चुनाव तक व्यस्त रहेंगे।
Author: cg24x7




