सक्ती। सक्ती के वेदांता थर्मल पावर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर अब 17 हो गई है। हादसे ने कई राज्यों के मजदूरों की जान ले ली, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। वेदांता प्लांट में हुए हादसे के दौरान घटनास्थल पर 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी ने इलाज के दौरान अस्पतालों में दम तोड़ दिया।
इस हादसे में मरने वालों में छत्तीसगढ़- 5 मजदूर, बिहार- 2 मजदूर, पश्चिम बंगाल- 5 मजदूर, उत्तर प्रदेश- 2 मजदूर शामिल है। इसके अलावा 19 मजदूरों का इलाज अभी भी जारी है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे में 17 मौतों और दर्जनों घायलों के बाद परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने न तो सही जानकारी दी और न ही समय रहते उनसे संपर्क किया। परिजनों ने कहा कि प्रबंधन ने सीधे बातचीत करने के बजाय पुलिस कर्मियों के माध्यम से केवल मुआवजा देने की बात कही, जबकि अब तक कोई भी स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कलेक्टर ने कहा कि, सहायता राशि की घोषणा सरकार और कंपनी प्रबंधन दोनों की ओर से की जा चुकी है। उन्होंने इस हादसे को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि प्रशासन दुख की इस घड़ी में परिजनों के साथ खड़ा है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
Author: cg24x7




