रायपुर सेंट्रल जेल प्रशासन को मिली बड़ी सौगात: महिला बंदी परिजनों से वीडियो कॉल से कर सकेंगी बातचीत

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रायपुर। मदर्स डे के अवसर पर रायपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने रविवार को महिला बंदियों को बड़ी सौगात देते हुए प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू की है। यह सुविधा गृहमंत्री विजय शर्मा की पहल पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर सेंट्रल जेल में शुरू की गई। जल्द ही यह सुविधा राज्य की चार सेंट्रल जेलों बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर में भी शुरू की जाएगी, इसके अलावा अन्य जिलों में ऑडियो कॉलिंग की सुविधा महिला बंदियों को दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।

प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग के माध्यम से महिला बंदी अपने वकील, परिजनों से वीडियो कॉलिंग कर बातचीत कर सकेंगी। यह सिस्टम जेल विभाग एवं बीएसएनएल के मध्य संपादित हुए एमओयू के अंतर्गत शुरू किया गया है। मदर्स डे के अवसर पर महिला बंदियों के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को जेल विभाग की और से उपहार वितरित किए गए। साथ ही निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला कैदियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जेल डीजी हिमांशु गुप्ता, जेल सुपरिटेंडेंट योगेश सिंह क्षत्री सहित अन्य अफसर उपस्थित रहे।

महिला बंदियों को अपने परिजनों से बात करने जेल प्रशासन के पास पहले अर्जी देनी होगी। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा महिला बंदी को अपने परिजन से बातचीत करने के लिए समय तय किया जाएगा। जेल प्रशासन की निगरानी में महिला बंदी वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अपने परिजन तथा वकील से बातचीत कर सकेंगी। जेल परिसर के एक अलग कक्ष में महिला बंदियों के लिए वीडियो कॉलिंग से बातचीत करने सेट लगाया गया है।

वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में 192 महिला बंदी कैद हैं। इन महिला बंदियों से मुलाकात के लिए नियमित 25 से 30 परिजन आते हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा वकील महिला बंदियों से मिलने के लिए आते रहते हैं। बंदियों से मुलाकात करने का समय 20 मिनट निर्धारित है। जेल में स्थिति ऐसी रहती है कि महिला बंदियों से उनके परिजन घंटों इंतजार करने के बाद भी नहीं मिल पाते। प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू होने से महिला बंदियों के परिजनों को जेल के चक्कर काटने से राहत मिलेगी। साथ ही जेल परिसर में महिला बंदियों से मिलने आने वाले लोगों की संख्या कम होगी।

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Author: cg24x7

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